अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस-शिखा त्रिपाठी ने 10 सालों में 700 बालिकाओं को गोद लेकर किया शिक्षित

अतीत का जश्न भविष्य की तैयारी 8 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष।

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साल 2020, जब दुनिया ठहरी हुई थी। महिलाएं तब भी मोर्चे पर थीं। घरों में, कार्यस्थलों पर, गृहिणी के रूप में, कहीं नर्स के रूप में, कहीं टीचर के रूप में तो कहीं वैज्ञानिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही थीं।  विश्व की प्रत्येक महिला अपने आप में अद्भुत है, किसी न किसी रूप में मिसाल है। पढ़िए उन भारतीय महिलाओं के बारे में जो हमें प्रेरित कर रही हैं।

शिखा त्रिपाठी,अध्यक्ष -नवजीवन सेवा संस्थान

बहराइच

प्रदेश उपाध्यक्ष-अंतरराष्ट्रीय कृषि गौ पर्यावरण संरक्षण परिषद , अभिभावक संघ मातृसभा अध्यक्ष जनपद बहराइच, कोआर्डिनेटर-कु विजय लक्ष्मी कन्या विद्यालय गजाधरपुर बहराइच।
इनके द्वारा विभागो के कार्यक्रम मे सक्रिय योगदान देकर शिक्षा के क्षेत्र मे अभूतपूर्व योगदान प्रदान किया गया है शिक्षा के लिए हर वर्ष निर्धन वर्ग की बालिकाओ को शैक्षिक रूप से विकास के लिए हर वर्ष ( 51) लड़कियो को शिक्षित करने के लिए गोद लेकर उनकी समस्त शैक्षिक खर्च की जिम्मेदारी, पूर्ण रुप से निभाई और बालिकाओ को साक्षर किया जिससे की वह समाज मे अपनी जगह बना सके पूर्ण रूप कई क्षेत्र मे इनका योगदान बहुत प्रशंसनीय है महिलाओ के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण का आयोजन कर महिलाओ को आत्म निर्भर बनाना वस्त्र उद्योग ,हाथकरघा उघोग , चिकन कारखाना (लखनवी कढाई) से जुड़कर लगभग विभिन्न गांवो की 5000 महिलाए आत्मनिर्भर बन रही है ,गौ सेवा के मिशन से जुड़कर भी इन्होने जानवरो के लिए भी काम किया है।

नीलम शर्मा,अलीगढ़ में कत्थक नृत्य में MA की डिग्री हासिल करने वाली प्रथम महिला

अलीगढ़

साक्षरता अधिकारी अलीगढ़ ,प्रधानाचार्य राजकीय कन्या इंटर कॉलेज अलीगढ़, कंट्रोलर श्री महेश्वर बॉयज इंटर कॉलेज अलीगढ़ , स्वीप कॉर्डिनेटर अलीगढ़,नोडल अधिकारी मिशन शक्ति, नोडल अधिकारी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ,नोडल अधिकारी सड़क सुरक्षा कार्यक्रम ,नोडल अधिकारी मतदाता जागरूकता, नोडल अधिकारी संचारी रोग, नोडल अधिकारी कोविड-19 प्रोग्राम ,एवं तहसील प्रभारी समेत श्रीमती नीलम शर्मा के द्वारा विभिन्न विभागों विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान देकर शिक्षा के क्षेत्र में बहुमुखी विकास किया गया है ।उनके द्वारा बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा , जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान,अलीगढ़,तथा प्रौढ़ शिक्षा के तहत साक्षर भारत मिशन जैसी योजना में 853 गांव में चलने वाली 15 वर्ष की आयु के ऊपर के असाक्षर महिलाओं/पुरुषों को शिक्षित करने जैसा अभूतपूर्व कार्य भी किया गया है । उनके द्वारा विभिन्न विभागों के विभिन्न विकास के कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान दिया गया है ।विभिन्न तरह के सरकारी कार्यक्रमों में एंकरिंग कर अनेकों प्रमाण पत्र प्राप्त किए गए हैं ।अनेकों पुरस्कार से उन्हें सम्मानित किया गया है।मुख्य रूप से उनके द्वारा उनकी स्वरचित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया जा चुका है प्रथम पुस्तक ‘ नीलांचल ‘एवं द्वितीय पुस्तक ‘अंतर्मन की ध्वनि’भी विमोचित की जा चुकी है ।तीसरी पुस्तक पर उनका कार्य जारी है ।विज्ञान में रसायन विज्ञान से M.Sc में गोल्ड मेडलिस्ट श्रीमती नीलम शर्मा ने साहित्य के क्षेत्र में विधिवत शिक्षा ना लेने के उपरांत भी सरल शब्दों में पुस्तक लिखकर निश्चित रूप से नारी शक्ति के विकास एवं स्वाबलंबन को नई प्रेरणा दी है ।संगीत के क्षेत्र में भी विशेष रुप से नृत्य में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से MA की डिग्री प्राप्त कर अनेक संगीत के कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान एवं कोरियोग्राफी के द्वारा भी अपनी प्रतिभा का लोहा जनसाधारण तक पहुंचाया है ।बताते हुए बहुत खुशी का अनुभव करते हैं कि श्रीमती नीलम शर्मा जनपद अलीगढ़ में कत्थक नृत्य में MA की डिग्री हासिल करने वाली प्रथम महिला है। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं और ऐसी नारी शक्ति को ह्रदय से नमन करते हैं।

 

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